हज़रत सुलैमान अलैहिस्सलाम (KING SOLOMON)
हज़रात सुलैमान अलैहिस्सलाम दाऊद अलैहिस्सलाम के बेटे थे जो कि इसराइल देश के राजा थे और यह खुदा के भेजोगे पैगंबर भी थे जिनको अंग्रेज डेविड और सोलोमन के नाम से जानते हैं खुदा ने इन्हे जमीन पर राजा बना कर भेजा इसके साथ-साथ इन्हें पैगंबर बनाकर भी भेजा और खुदा ने इन्हे इतनी ताकत दी थी जिससे उन्होंने सारी दुनिया में राज किया और हवा पानी जमीन सब पर इनकी हुकूमत थी और हजरत सुलेमान अलैहिस्सलाम को जानवरों की बोली समझने की ताकत भी दी थी और जानवरों से बात करने की ताकत भी दी थी या अपने वक्त के बहुत शक्तिशाली राजा हुआ करते थे और सारे जानवर इनकी प्रजा में हुआ करते थे इनके बहुत सारे मशहूर किस्से हैं जो कि कुरान और इनके वक्त की किताब में मौजूद हैं
मस्जिद-ए-अक़्सा और टेम्पल ऑफ़ सोलोमन
मस्जिद ए अक्सा जिन्नातों और इंसानों ने हजरत सुलेमान अलेह सलाम के लिए तामीर की थी जिसमें वह जाकर खुदा की इबादत किया करते थे और जिन्नातो ने बड़े-बड़े हीरे जवाहरात और पत्थरो को लाकर मस्जिदों की तामीर की आज के वक्त में भी वहां इतने बड़े-बड़े पत्थर लगे हुए हैं इसे देखकर अंग्रेज भी सोच में पड़ जाते हैं की इतने बड़े-बड़े पत्थर किस क्रेन इतने ऊपर ले जाए गए जिनका वजन 400 टन के लगभग है ऐसी मशीन तो आज तक दुनिया में नहीं बनी जो इतने भारी भारी पत्थरों को लेकर इतनी ऊंची जगह पर लगा दे इस मस्जिद की एक और खास बात है जब हज़रात सुलेमान अ.स इस मस्जिद में नमाज़ पढ़ने जाया करते थे तब इस मस्जिद में एक पेड़ उग आया करता था और वह खुद बताता था के में इस काम आता हूँ मस्जिद अक़्सा मुसलमानो के लिए बहुत खाश हे उनका मानना हे जब क़यामत करीब का वक़्त आएगा तब मुसलमानो पर अत्याचार होंगे तब इस मस्जिद एक इमाम आएंगे जिनका नाम इमाम मेंहदी होगा जिनकी उम्र लगभग 40 साल की होगी और वह यहाँ इमामत करेंगे ये वक़्त में ईशा अ.स भी आएंगे और वह दज़्ज़ाल को मारेंगे दज्जाल एक किस्म का बहुत बड़ा उस वक़्त का फितना होगा जो दुन्या में तवाही मचाएगा इसको मरना केवल ईशा मसीह के पास शक्ति होगी दज्जाल एक बहुत बड़ा सेतान होगा जो खुद को खुदा कहेगा ये एक देश से दुसरे देश कुछ मिंटो में पहुंच जायेगा ये बस मक्का और मदीना में नहीं जा पायेगा और पहाड़ो पर नहीं जा पायेगा और इसको फज़र की नमाज़ के बाद ईशा मसीह मरेंगे जो इस दुन्या से ज़िंदा स्वर्ग में चले गए हे जिनकी 40 साल ज़िन्दगी अभी बाकी हे दुन्या में बापस आकर अपनी 40 साल ज़िन्दगी पूरी करके जायेगे दूसरी यहूदी समुदाय का मानना की दज्जाल इनका मसीह हे और वह इनको हर मुसीबत से आज़ादी दिलाएगा और टेम्पल ऑफ़ सोलोमन इनके लिए बहुत पवित्र स्थान हे जिसकी ये पूजा करते हे इस वक़्त इसमें सिर्फ एक दीवार बची हे और ये दमिश में हे इन दोनों समुदाय की अपनी अपनी धारणा हे जो आस्था से जुडी हे
हज़रात सुलैमान अलैहिस्सलाम का लश्कर
हजरत सुलेमान अलैहिस्सलाम के लश्कर में चींटी,हुद-हुद,शेर,चीतेह,हाथी और इंसान तथा तमाम तरीके के इनकी खबर लाकर दिया करते थे जानवर हुआ करते थे जो उन्हें कहां पर पानी है कहां पर सूखा है और कहां पर दुश्मन छुपे हुए हैं इनके लश्कर में बहुत सारी ऐसी चीजें थी जो इन के लिए बहुत काम आती थी एक बार हुद-हुद इनके लश्कर में से गायब थी जब हजरत सुलेमान अलेह सलाम नींद के बारे में पूछा तो पता चला कि वह कहीं और घूम रही है तब उन्होंने हुकुम दिया क्या करिए हाजिर नहीं हुई तो उसको मैं कत्ल कर दूंगा तब थोड़ी देर बाद हुद-हुद हाज़िर हुई और बोला क्या आज मैंने एक ऐसा राज देखा है जहां पर एक रानी है जिसका बहुत बड़ा तख़्त है और उसका बहुत बड़ा राजपाट है मगर वह खुदा को छोड़कर सूरज की पूजा करती है आप हजरत सुलेमान अलैहिस्सलाम ने कहा अगर ऐसा सच है तो आप आज ही उसे खत भेजें और उससे कहे आप अपने खुदा के पूजा छोड़ दें और जो हकीकत में खुदा है उसकी इबादत करें हिसाब ने नहीं किया तो हम आप के ऊपर हमला करेंगे और यह खत मिलने के बाद आप हमसे संपर्क करें फिर हुद-हुद ने आगे बताया कि उनका एक बहुत बड़ा तख़्त हे जिस पर बैठकर राजपाट चलाती हे जब हज़रात सुलैमान अलैहिस्सलाम को जब यह पता चला तब उन्होंने अपने दरबार में कहा की कोई ऐसा हे क्या जो यह सभा बर्खास्त होने से पहले उस तखत को यहां ले आए तब उसमें से एक बड़ा जिन्न उठा और बोला इससे पहले आपकी सभा बर्खास्त हो उसका तख़्त में ले आऊंगा फिर वह एक सख्श बैठे थे जिनका नाम आसिफ बिन जाकिरया था जिसे इस्म ए आज़म का इल्म था उसने कहा इससे पहले आप पलक झपके में उस तख़्त को आपके दरबार में ले आऊंगा और बिलकुल ऐसा ही हुआ उन्होंने पलक झपकते ही तख़्त को ले आये !
मलिका बिल्किश को सुलेमान अ.स का खत और उनकी शादी
मलिका बिल्किश को जब हज़रात सुलेमान अ.स ने खत लिखा तो उसकी शुरुआत खुदा के नाम से की यानी बिस्मिल्लाह से की तो वह समझ गयी ये ज़रूर बहुत खाश आदमी हे जिसने इतनी इज़्ज़त से खत लिखा इससे लड़ना मुमकिन नहीं फिर ये उनके यहाँ महल में गयी जब इन्होने इनकी शान महल देखा तो दंग रह गयी किताबो में मिलता हे इन रानी के बाप ने जिन्नातो की लड़की से शादी की थी जिससे ये पैदा हुई इन्होने जब हज़रात सुलेमान अ.स के फर्श पर पैर रखा तो अपने कपडे को उठा लिया इन्हे लगा फर्स पर पानी बह रहा हे जबकि वह एक काच था पानी उसके नीचे था और बाद में इन्होने हज़रात सुलेमान अ.स से शादी की जिन्नातो ने इनके पेरो के बाल साफ़ करने के लिए दबा भी बनायीं !
दाऊद अ.स और एक फ़कीर का किस्सा
दाऊद अ.स जो की सुलेमान अ.स के वालिद (पिता ) थे और वक़्त के पैगम्बर और राजा भी थे जो एक नेक इंसान और खुदा के नेक इंसान थे उनके वक़्त में एक फ़कीर आदमी हुआ करता था जो की दिन रात खुदा से दुआ करता था के मेरे खाने पीने का तू इंतज़ाम कर दे में काम नहीं करुगा लोग उस करते थे एक दिन वह आदमी बहुत भूखा था और खुदा से दुआ कर रहा था के मुझे खाना दे तभी अचानक दरवाजा खुला और एक गाये अंदर आ गयी उसने बिना वक़्त गवाए उसके पैर बांधे और गले पर छुरी फेर दी और कसाई को गोश्त बनाने के लिए बुला लिया कुछ वक़्त बाद गाये को ढूंढता हुआ वह आदमी दरवाजे से अंदर घुसा और उसने अपनी गाये को कटा देखा तो बोलै ए जालिम इंसान तूने मेरी गाये क्यों काटी मुझे इसकी कीमत दे उस आदमी ने कहा कहा ये खुदा ने मुझे दी हे इसपर मेरा हक़ हे मेने दुआ की थी दोनों मैंने को तैयार नहीं थे और अपने फैसले के लिए दाऊद अ.स के दरबार में गए और माजरा सुनाया तो उन्होंने दूसरे दिन आने को कहा रात भर उन्होंने खुदा से दुआ मांगी और कहा मुझे सच बता दे ताकि में फैसला कर सकू और खुदा ने सच का दरवाजा उनके लिए खोल दिया सुबह जब दोनों आये तो उन्होंने कहा ए गाये के मालिक खुदा ने तेरी गलतियों पर पर्दा डाला तू भी इसे माफ़ करदे और जाने दे इतना सुनते ही वह गुस्से में आ गया और बोलै आपके तो फैसले मशहूर हे आप का इन्साफ मशहूर हे मेरे साथ नाइंसाफी क्यों तो उन्होंने कहा नहीं मानेगा तू चल अपने घर वही फैसला करुगा जब सब उस सख्श के घर पहुंचे तब उन्होंने एक पेड़ के पास जगह खोदने को कहा उस जगह को खोदते ही वह से एक लाश मिली जिसमे खंजर भी लगा था उन्होंने कहा ये लाश तेरे मालिक की हे जिसके यहाँ तू काम करता था और ये जगह मकान सारे जानवर इसी आदमी के थे जिसको तूने क़तल किया और वह आदमी जी तेरा मालिक था वह इसका बाप था जो ये फ़कीर हे ये सारी गाये और जानवर घर पैसा इसका हे ये ही इसका असली मालिक हे मेने तुझसे कई बार कहा तू इसे जाने दे अब तुझे इन्साफ चाहिए था हो गया इस्लाम में क़तल का बदला क़तल हे अब तुझे क़तल किया जायेगा और ये सारा सामान इसे मिलेगा इस तरह खुदा ने उस फ़कीर की सुनी और उसे अमीर बना दिया और उस मक्कार इंसान को सजा मिली यही ऊपर वाले का इन्साफ हे उम्मीद हे आपको ये किस्सा पसंद आया होगा आगे भी आपको कई सच्चे किस्से लाते रहेंगे बस आप हमें लाइक करे सब्सक्राइब करे
जय हिन्द
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