आजकल सोशल मीडिया का ज़माना है और बहुत सारे लोगो ने इसे अपना कैरियर बना लिया और बहुत फेमस भी हुए साथ मे इन्होंने ने इससे ढेर सारी कमाई भी की मगर एक अपडेट के चलते अब यह खबर आई है के यूटूबर्स को 24 % टैक्स देना होगा अपनी कमाई में से ।
The news | 11 march 2021 | Thursday 12 :39
कैसा टैक्स है ये
Youtube का कहना है कि अगर यूटूबर अमरीका का है या फिर कन्टेन्ट बनाने वाले के ब्यू अगर अमेरिका से आते है तो उस पर टैक्स देना होगा creater को यह पॉलिसी 2021 के जून माह से सुरु हो जाएगी जिसके लिए youtube ने बाकायदा मेल भेजना सुरु कर दिए है अपने creater पार्ट्नर को जिसके तहत उन्हें अपने एडसेंस एकाउंट को पैन कार्ड और टेक्स इनफार्मेशन फिल करनी होगी और सबमिट करनी होगी इसके तहत यूटूबर्स में काफी गुस्सा देखा गया है कि वीडियो बनाई गई है अगर टेक्स इन्फॉर्मेशन नही दी जाती तो 24% के हिसाब से उनका पैसा काट लिया जाएगा ।
YouTube का कहना है कि एडसेंस जिससे पेमेंट आता है उसमें creater को अपनी टेक्स की इन्फॉर्मेशन देना अनिवार्य है और इसके जरिये यूटूबर्स को सही टेक्स की इन्फॉर्मेशन भी मिलेगी यह policyअमेरिका के यूटूबर्स के लिए नही है ये अमेरिका और इसके बाहर के सभी यूटूबर्स के लिए है और इसमे भारत भी शामिल है अमेरिका के यूटूबर्स को ये टेक्स नही देना होगा ।
YouTube के सपोर्ट पेज में कहा गया है कि इसका पैरेंट कंपनी गूगल यूएस इंटरनल रेवेन्यू कोड के चैप्टर 3 के अनुसार टैक्स इनफार्मेशन कलेक्ट कर सकता है. अगर कोई क्रिएटर यूएस के व्यूवर्स से पैसे कमाता है तो वो इसके बदले उसे टैक्स देना होगा. इसकी जानकारी कंपनी यूएस इंटरनल रेवेन्यू को देगी. इस वजह से नए टैक्स सिस्टम को कंपनी की ओर से लागू किया गया है.
YouTube ने अपने क्रिएटर्स को नए अपडेट के बारे में बता दिया है. क्रिएटर्स को ऐडसेंस अकाउंट में टैक्स इनफार्मेशन को जल्द से जल्द पूरा कर लेने को कहा गया है. अगर कोई क्रिएटर 31 मई तक इनफार्मेशन नहीं दे पाता है तो कंपनी उसके वर्ल्ड वाइड कमाई का 24 परसेंट काट सकती है.
अगर क्रिएटर्स अपने टैक्स की डिटेल्स कंपनी को दे देता है तो कंपनी उसके यूएस व्यूअर्स की कमाई का 0 से 30 परसेंट विथहोल्ड कर के रखेगी. विथहोल्ड रेट इस बात पर डिपेंड करेगा कि क्रिएटर के देश का टैक्स ट्रीटी अमेरिका के साथ कैसा है. इसका मतलब अलग-अलग देश के लिए अलग-अलग टैक्स की कटौती की जाएगी. भारत की बात करें तो यहां पर विथहोल्डिंग रेट यूएस व्यूअर्स से हुई कमाई का 15 परसेंट है.
YouTube ने नई पॉलिसी की जानाकारी ट्विटर से दी है. इस नई पॉलिसी से क्रिएटर्स काफी नाराज दिख रहे है. इस पॉलिसी की आलोचना क्रिएटर्स ट्विटर पर कर रहे है. यूट्यूब से कमाई के लिए क्रिएटर्स के चैनल पर एक साल में 4,000 घंटे का वॉच टाइम और 1,000 सब्सक्राइबर होने चाहिए. पिछले साल कंपनी ने अपनी पॉलिसी में बदलाव करते हुए छोटे क्रिएटर्स के बनाए वीडियो पर भी ऐड दिखाना शुरू किया था. अब इस नई टैक्स पॉलिसी के बाद से कंपनी सभी क्रिएटर्स के निशाने पर आ गई है.
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